मगर उन नाज़ुक मुस्कानों ने सब दर्द छुपा रखा है…
मेरे ठोकरें खाने से भी कुछ लोगो को दिक्कत है,
वो कहते थे कि तुम्हारे बिना जी नहीं सकते,
आधी दुनियां पागल, आधी शायर बना रक्खी है…!
बहुत अफजल हो तुम तुम्हे नायाब लिख देता हु,
तो हम दुआ करते हैं आपकी खुशी कभी कम ना हो…!
गैर तो दिल दुखाने की हिम्मत भी नहीं करते।
वो अपने हाथों को तकता रहे और दुआ ना करे।
वहम Sad Shayari in Hindi से भी खत्म हो जाते हैं अक्सर रिश्ते,
दूर रहकर भी वो दिल जलाने से बाज़ नहीं आते,
हमारे भरोशे के तो सारे पत्ते जोकर निकले…!
किसी के पास यकीन का कोई इक्का हो तो बताना,
दिल तोड़ने वालों को सज़ा क्यों नहीं मिलती?
वरना कुछ पल का साथ तो जनाजा उठाने वाले भी देते है…!